DNA Ka Full Form क्या होता है, जानिए पूरी जानकारी

आपने कभी ना कभी DNA के बारे में सुना होगा। यह शब्द ज्यादातर फिल्मों में सुनाई देता है। या फिर समाचार में किसी बड़े नेता से जुडी खबर में आपने इसका जिक्र सुना होगा।

जहां कहा जाता है कि फलां व्यक्ति का DNA टेस्ट होगा, जिसके बाद उसके बारे में पूरी जानकारी बताई जाएगी। लेकिन इस सुने सुनाए शब्द के बारे में क्या आप जानते है। आखिर यह DNA होता क्या है। क्या आपको इसके फुल फॉर्म के विषय में पता है और आखिर डीएनए टेस्ट कराया क्यों जाता है।

जहां हम अपने पिछले आर्टिकल में आपको जानकारी दे चुके है कि Haemoglobin की कमी को कैसे दूर करें। वहीं आज हम आपको जानकारी देंगे कि आखिर DNA Ka Full Form क्या होता है।

DNA का फुल फॉर्म क्या होता है, जानिए पूरी जानकारी
DNA का फुल फॉर्म क्या होता है, जानिए पूरी जानकारी

DNA Ka Full Form क्या है 

अगर बात करें DNA के फुल फॉर्म कि तो यह ‘Deoxyribonucleic Acid‘ होता है इसे हिंदी भाषा में ‘डीऑक्सीराइबोन्यूक्लिक अम्ल’ कहा जाता है। आपको जानकर हैरानी होगी कि  DNA अमर होता है यह कभी मरता नहीं है।

यह पीढ़ी दर पीढ़ी एक जनरेशन से दूसरी में ट्रांसफर होता जाता है। बताते चले कि मनुष्य के डीएनए में करीब 3 बिलियन बेस पाए जाते है। यह बेस 99.9% सभी मनुष्यों में एक जैसे होते है, वहीं केवल 0.01% सभी मनुष्यों में यह एक दूसरे से भिन्न होते है।

यही 0.01% मनुष्यों को एक दूसरे से भिन्न बनाते है। बताते चले कि मनुष्य और चिम्पांजी के डीएनए में 98% समानता पाई जाती है। 

DNA Ka Full Form क्या है
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DNA क्या है 

आपने कक्षा 11वी और 12वी की साइंस की किताब में डीएनए के बारे में जरूर पढ़ा होगा। जिस किसी ने भी जीव विज्ञान सब्जेक्ट से ग्रेजुएशन किया है वह डीएनए के बारे में जरूर जानता है।

आपको बता दें कि सभी जीवित जीवों की सभी जीवित कोशिकाओं में डीएनए पाया जाता है। जैसा कि हमने आपको ऊपर जानकारी दी कि यह कभी मरता नहीं, बल्कि एक जनरेशन से दूसरी जनरेशन में ट्रांसफर होता रहता है।

अगर बात की जाए डीएनए की परिभाषा की तो बता दे कि जीवित कोशिकाओं के गुणसूत्रों में पाए जाने वाला तंतुनुमा अणु डीएनए कहलाता है। डीएनए में अनुवांशिक गुण मौजूद रहते है एवं यह हर जीवित कोशिका के लिए अनिवार्य होता है। 

DNA क्या है
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DNA की खोज

आपको बात दे कि 1953 में वैज्ञानिक जेम्स और फ्रांसिस क्रिक ने DNA की खोज की थी। जेम्स और फ्रांसिस क्रिक को उनकी इस खोज के लिए साल 1962 में नोबेल पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था।

उनकी थ्योरी के अनुसार डीएनए एक  मॉलिक्यूल होता है, इसमें सभी जीवों के जेनेटिक कोड पाए जाते है। यहा सभी जीवों जैसे पेड़ पौधे, मनुष्य, जीव-जंतुओं, कीटाणु, बैक्टेरिया आदि में पाया जाता है। बताते चले कि मनुष्य के शरीर में मौजूद रक्त कोशिकाओं के अतिरिक्त डीएनए हर कोशिकाओं में मौजूद रहता है।

हर मनुष्य को अपने माता-पिता से 23 जोड़े डीएनए प्राप्त होता है। हर जोड़े में एक माता और एक पिता का डीएनए होता है। सरल भाषा में यह कहा जा सकता है कि किसी मनुष्य का डीएनए उसके माता पिता के डीएनए का मिश्रण होता है।

इन्ही कारणों के चलते माता पिता की बहुत सी आदत और लास्खन बच्चों में पाए जाते है, उदहारण के लिए चमड़ी का रंग, आँखे, बालो का रंग और कद-काठी आदि। 

DNA की खोज
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DNA कैसे बनता है

अब तक आप यह तो जान गए होंगे कि आखिर डीएनए क्या है तथा इसकी खोज कब हुई थी। लेकिन आखिर डीएनए बनता कैसे है, तो आपको बता दे कि डीएनए किसी भी जीव के शरीर में Nucleotide नामक छोटे अणुओं से मिलकर बना होता है।

वहीं प्रत्येक Nucleotide अणु में एक फास्फेट ग्रुप, एक नाइट्रोजन बेस और एक शुगर ग्रुप उपस्थित रहता है। यह मुख्यतः 4 केमिकल जैसे -Adenine (A), -Guanine (G), -Cytosine (C), -Thymine (T)  के आधार पर बना होता है। इन्हें AGCT भी कहा जाता है।

जहां A और G एक समूह में उपस्थित रहते है, वहीं C और T अन्य समूह में। गौरतलब है कि यह सभी समूह आपस में हाइड्रोजन के बंध से जुड़े रहते है। ये समूह सीढ़ीदार होते है, जिसके चलते इन्हें डबल हेलिक्स भी कहा जाता है।  

DNA कैसे बनता है
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DNA के कार्य व जुड़े तथ्य

डीएनए का उपयोग खून का जांच परीक्षण, मूत्र के सैंपल की जांच के लिए और गाल की कोशिकाओं के परीक्षण के लिए किया जाता है। जैसा कि हमने आपको बताया कि यह हर जीवित प्राणी की कोशिकाओं में पाए जाते है एवं यह जीव की संरचना एवं गुणों के बारे में बताते है।

इसे जीव की आइडेंटिटी का सूचक भी कहा जाता है। जब तक मनुष्य जीवित रहता है, प्रतिदिन उसके शरीर में 1 हजार से लेकर 10 लाख तक डीएनए नष्ट होते है और पुनः बनते है। यह मनुष्य की मृत्यु तक चलने वाली एक निरंतर प्रक्रिया है। 

DNA के कार्य व जुड़े तथ्य
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उम्मीद है आपको हमारा आर्टिकल पसंद आया होगा तथा आप जान गए होंगे कि DNA Ka Full Form क्या होता है।


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FAQ

DNA Ka Full Form क्या होता है?

DNA के फुल फॉर्म ‘Deoxyribonucleic Acid‘ होता है इसे हिंदी भाषा में ‘डीऑक्सीराइबोन्यूक्लिक अम्ल’ कहा जाता है।

DNA का क्या उपयोग है ?

DNA का उपयोग खून का जांच परीक्षण, मूत्र के सैंपल की जांच के लिए और गाल की कोशिकाओं के परीक्षण के लिए किया जाता है।

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